तटस्थता
- Melanie Patterson

- 19 अग॰ 2025
- 1 मिनट पठन

"यह अच्छाई और बुराई से परे का क्षेत्र है। यहीं हमारी मुलाक़ात होती है।"
- रूमी
मन, उपस्थिति से, शुद्ध चेतना से उत्पन्न होता है और द्वैत या विपरीत ध्रुवों में विभाजित हो जाता है। यह अपने आप में कोई समस्या नहीं है, लेकिन जब हम एक ध्रुव की इच्छा करते हैं और उसके विपरीत का विरोध करते हैं, तो यह एक समस्या बन जाती है।
हमने तटस्थता त्याग दी है। यही दुख का स्रोत है।
हालाँकि हम अक्सर मानते हैं कि किसी काम को पूरा करने के लिए जुनून की ज़रूरत होती है, लेकिन यह धारणा गलत है। जुनून टिकाऊ नहीं होता; यह ऊर्जा के उतार-चढ़ाव के अधीन होता है और हमारी दृष्टि को धुंधला कर देता है।
तटस्थता ही सच्ची ऊर्जावान अवस्था है।



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